नई दिल्ली । World Tourism Day आज दुनियाभर में मनाया जा रहा है। यह दिवस लोगों को जोड़ने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास में सहयोग करने में पर्यटन के महत्व को रेखांकित करता है।
इस वर्ष का विषय है “पर्यटन को नए सिरे से आकार देने के लिए डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस”। यह पर्यटन के भविष्य को आकार देने में प्रौद्योगिकी की भूमिका को उजागर करता है।
मीडिया से बातचीत में पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि पर्यटन अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में प्रमुख योगदानकर्ता है। विविधता में एकता के संदेश को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में महासागर तक, पूर्वोत्तर सहित, यह देश समृद्ध वन्यजीव, संस्कृति और विरासत से परिपूर्ण है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार के पहल - स्वदेश दर्शन 2.0, PRASHAD, क्रूज पर्यटन और पर्यटन कौशल विकास जैसी गंतव्यों का विस्तार, पर्यटकों के अनुभवों में सुधार कर रही हैं और आजीविका के अवसर भी पैदा कर रही हैं।
भारत का पर्यटन क्षेत्र आर्थिक विकास, रोजगार और आजीविका के एक महत्वपूर्ण चालक के रूप में उभर रहा है और देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में पांच फीसदी से अधिक का योगदान दे रहा है।
2025 में घरेलू पर्यटक यात्राओं की संख्या 428 करोड़ को पार कर गई, जबकि विदेशी पर्यटक यात्राओं की संख्या बढ़कर 2.53 करोड़ हो गई। देश ई-वीजा और इनक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी पहलों के माध्यम से अपने डिजिटल पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत कर रहा है।
2014 में ई-वीजा सुविधा के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय यात्रा को लगातार सरल बनाया गया है, जो अब 172 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है।
आज नई दिल्ली में आयोजित केन्द्रीय समारोह के हिस्से के रूप में, Tourism Minister गजेंद्र सिंह शेखावत भारत के पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने एवं टिकाऊ तथा समावेशी पर्यटन विकास के अवसरों को बढ़ाने के लिए कई प्रमुख नई पहलों का शुभारंभ करेंगे।
(Input from News on Air)
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