नई दिल्ली । भारत अपने अमेरिका के साथ Bilateral Trade Agreement के अंतिम विवरण की घोषणा तभी करेगा, जब वाशिंगटन भारत के प्रतिस्पर्धियों की तुलना में तरजीही टैरिफ शर्तें देने पर सहमत होगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को यह बात कही।
गोयल ने Leveraging FTAs Outreach program पर आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा, “जैसे ही अमेरिका हमारे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में हमें तरजीही दर देने में सक्षम होगा, हम बीटीए को अंतिम रूप देंगे और इसके अंतिम विवरण की घोषणा करेंगे।”
मंत्री ने कहा कि भारत द्वारा पहले ही संपन्न किए जा चुके व्यापार समझौते घरेलू कारोबारों के लिए निर्यात के महत्वपूर्ण अवसर खोल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत आने वाले महीनों और वर्षों में कई और व्यापार समझौतों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने संभावित साझेदारों के रूप में कनाडा, मेक्सिको, चिली, ब्राजील के नेतृत्व वाले Mercosur bloc, दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (SACU), दक्षिण अफ्रीका के नेतृत्व वाले देशों के समूह, छह सदस्यीय खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और इजरायल का नाम लिया।
भारत और अमेरिका पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के लिए बातचीत कर रहे हैं।
22-24 जून को नई दिल्ली की अपनी यात्रा के दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जैमीसन ग्रीर और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने समझौते के प्रमुख तत्वों की समीक्षा की, जिनमें बाजार तक बेहतर पहुंच, डिजिटल व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, गैर-टैरिफ बाधाओं में कमी और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग शामिल हैं।
दोनों पक्षों ने अपने वार्ताकार दलों द्वारा पर्याप्त प्रगति किए जाने पर गौर किया और ऐसे समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो संतुलित, वाणिज्यिक रूप से सार्थक हो तथा दोनों देशों के कारोबारों, किसानों, कामगारों और उपभोक्ताओं के लिए ठोस लाभ प्रदान करे।
फरवरी में भारत और अमेरिका ने पारस्परिक और परस्पर लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के लिए रूपरेखा की घोषणा की थी और व्यापक बीटीए वार्ता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
2025 में अमेरिका को भारत का कुल वस्तु निर्यात 103.82 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जबकि अमेरिका का भारत को निर्यात लगभग 45.6 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इस प्रकार कुल द्विपक्षीय व्यापार 149.42 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
2025 में द्विपक्षीय सेवा व्यापार 92.23 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया, जिसमें भारत ने अमेरिका को 48.67 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की सेवाओं का निर्यात किया और अमेरिका से 43.56 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की सेवाओं का आयात किया।
(Input from DD News)
Comments ( 0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to comment!