नई दिल्ली । Department of Social Justice and Empowerment ने आज नई दिल्ली में चार आध्यात्मिक संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए, ताकि Nasha Mukt Bharat के निर्माण की दिशा में अपने प्रयासों को मजबूत किया जा सके।
इन साझेदारियों के माध्यम से आध्यात्मिक और मूल्य-आधारित संगठनों की व्यापक पहुंच, प्रभाव तथा सामुदायिक नेटवर्क का उपयोग मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता, रोकथाम एवं सामाजिक लामबंदी को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
इस संगठन में, अध्यात्म विज्ञान सत्संग केन्द्र, चिन्मय मिशन, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान और हरे कृष्ण आंदोलन प्रमुख है।
सभा को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने नशा मुक्त भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में आध्यात्मिक संगठनों के महत्व को दोहराया।
सचिव ने नव-साझेदार संगठनों से अपनी पहुंच को अधिकतम करने और मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम, जागरूकता तथा इससे उबरने का संदेश फैलाने के लिए अपने व्यापक नेटवर्क का उपयोग करने का आह्वान किया, विशेष रूप से जमीनी स्तर पर।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार, नागरिक समाज और आध्यात्मिक संगठनों की सामूहिक शक्ति नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ एक सतत सामाजिक आंदोलन बनाने में मदद कर सकती है।
(Input from News on Air)
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