नई दिल्ली । रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत औषधि विभाग 7 और 8 अगस्त को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में India Medical Device 2026 के 9वें संस्करण का आयोजन करेगा। इस सम्मेलन में नीति-निर्माता, उद्योग जगत के नेता, स्वास्थ्य पेशेवर, शोधकर्ता, स्टार्ट-अप और निवेशक एक साथ जुटकर भारत के तेजी से विकसित हो रहे चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के भविष्य की दिशा तय करेंगे।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन का विषय है – “विकसित भारत की ओर: गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपकरणों के लिए भारत को वैश्विक केन्द्र के रूप में आगे बढ़ाना।” यह आयोजन चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए भारत को वैश्विक विनिर्माण और नवाचार केंद्र के रूप में मजबूत बनाने पर केंद्रित होगा।
Union Minister अनुप्रिया पटेल 7 अगस्त को सम्मेलन का उद्घाटन करेंगी, जबकि केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा 8 अगस्त को “आत्मनिर्भर मेडटेक: विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा को गति देना” विषय पर मुख्य संबोधन देंगे।
सम्मेलन में औषधि विभाग के सचिव मनोज जोशी, स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. एम. श्रीनिवास सहित चिकित्सा उपकरण कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ, स्वास्थ्य संस्थान, शिक्षाविद और स्टार्ट-अप प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।
कार्यक्रम से पहले मनोज जोशी ने कहा कि यह सम्मेलन भारत की बढ़ती मेडटेक क्षमताओं को प्रदर्शित करने, वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण विनिर्माण को बढ़ावा देने तथा भारत को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपकरणों के लिए विश्वसनीय वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित करने की रूपरेखा तैयार करने हेतु एक प्रमुख मंच प्रदान करेगा।
उद्योग और सरकार के सहयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए FICCI मेडिकल डिवाइसेज समिति के अध्यक्ष एवं एबॉट हेल्थकेयर इंडिया एवं साउथ एशिया के प्रबंध निदेशक तुषार शर्मा ने कहा कि यह सम्मेलन सार्थक संवाद, साझेदारियों और पहलों को बढ़ावा देगा, जिससे भारत के चिकित्सा उपकरण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को गति मिलेगी।
दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में मेडटेक क्षेत्र को आकार देने वाले कई प्रमुख विषयों पर पूर्ण सत्र, विषयगत चर्चाएँ और उद्योग संवाद आयोजित किए जाएंगे। चर्चाओं में चिकित्सा उपकरणों के घटकों के स्थानीय विनिर्माण, घरेलू उत्पादन को मजबूत करने, उच्च प्रभाव वाले चिकित्सा उपकरणों में तकनीकी नेतृत्व, स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग, क्लीनिकल साक्ष्य सृजन के लिए नियामक मार्ग, चिकित्सा उपकरण निर्यात का विस्तार तथा चिकित्सा उपकरणों की सेवा एवं रखरखाव व्यवस्था में सुधार जैसे विषय शामिल होंगे।
दूसरे दिन “आत्मनिर्भर मेडटेक: विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा को गति देना” विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसके बाद Union Minister जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में एक विशेष सीईओ राउंडटेबल आयोजित की जाएगी। एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र अभिनव उपचारों के लिए प्रतिपूर्ति तंत्र (Reimbursement Mechanisms) पर केंद्रित होगा, जो भारत के सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) के लक्ष्य को समर्थन प्रदान करेगा।
GE हेल्थकेयर, एबॉट हेल्थकेयर, फिलिप्स इंडिया, मेडट्रॉनिक इंडिया, जॉनसन एंड जॉनसन मेडटेक तथा हिंदुस्तान सिरिंजेस एंड मेडिकल डिवाइसेज लिमिटेड जैसी प्रमुख मेडटेक कंपनियों के साथ-साथ अनुसंधान संगठनों, स्वास्थ्य संस्थानों और शिक्षाविदों के प्रतिनिधियों के भी भाग लेने की उम्मीद है।
यह आयोजन उभरती प्रौद्योगिकियों और स्टार्ट-अप नवाचारों को भी प्रदर्शित करेगा, जिनका उद्देश्य विकसित भारत@2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत के नवाचार-आधारित, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी चिकित्सा उपकरण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।
(Input from DD News)
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