Union Minister for Railways । Railway Electrification । Renewable Energy: भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे ज्यादा बिजली वाले नेटवर्क में से एक है, जो सिर्फ़ स्विट्जरलैंड के बाद दूसरे नंबर पर

Union Minister for Railways । Railway Electrification । Renewable Energy: भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे ज्यादा बिजली वाले नेटवर्क में से एक है, जो सिर्फ़ स्विट्जरलैंड के बाद दूसरे नंबर पर

नई दिल्ली । भारत Railway Electrification के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में से एक बनकर उभरा है। देश के 99.6 फीसदी ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क का अब विद्युतीकरण हो चुका है, जिससे स्विट्जरलैंड के बाद भारत विश्व की दूसरी सबसे अधिक विद्युतीकृत प्रमुख रेलवे प्रणाली बन गया है। यह उपलब्धि दुनिया में सबसे तेज़ रेलवे विद्युतीकरण कार्यक्रमों में से एक को दर्शाती है और स्वच्छ तथा अधिक ऊर्जा-कुशल रेल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Union Minister for Railways अश्विनी वैष्णव द्वारा मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में साझा की गई जानकारी के अनुसार, भारतीय रेल ने अपने लगभग पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क का विद्युतीकरण कर लिया है, जबकि शेष मार्गों पर कार्य प्रगति पर है।

पिछले एक दशक में Railway Electrification की गति में उल्लेखनीय तेजी आई है। वर्ष 2014 से पहले लगभग छह दशकों में 21,801 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया था, जबकि 2014 से 2026 के बीच अतिरिक्त 48,072 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया है। सरकार ने सभी नई रेल लाइनों और मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं में भी विद्युतीकरण को अनिवार्य हिस्सा बनाया है।

99.6 फीसदी विद्युतीकरण के साथ भारत अब स्विट्जरलैंड (100 फीसदी) के बाद दूसरे स्थान पर है। भारत ने चीन (82 फीसदी), स्पेन (67 फीसदी), जापान (64 फीसदी), फ्रांस (60 फीसदी) और यूनाइटेड किंगडम (39 फीसदी) जैसे प्रमुख रेलवे नेटवर्क को भी पीछे छोड़ दिया है।

सरकार ने कहा कि Railway Electrification ने भारत के सतत परिवहन की दिशा में परिवर्तन को उल्लेखनीय रूप से मजबूत किया है। नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार, रेल परिवहन से प्रति टन-किलोमीटर लगभग 11.5 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है, जो सड़क परिवहन की तुलना में लगभग 89 फीसदी कम है। सड़क परिवहन से प्रति टन-किलोमीटर लगभग 101 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है।

विद्युतीकरण से भारतीय रेल की आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता भी कम हुई है। ट्रेन संचालन के लिए डीज़ल की खपत वर्ष 2015-16 में 293 करोड़ लीटर से घटकर वर्ष 2024-25 में 108 करोड़ लीटर रह गई है, जिससे लगभग 185 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई है। इस कमी से कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है तथा ईंधन आयात पर होने वाले बहुमूल्य विदेशी मुद्रा व्यय की भी बचत हुई है।

पर्यावरणीय लाभों के अलावा, विद्युत ट्रैक्शन से परिचालन दक्षता में भी सुधार हुआ है। इससे अधिक भार वहन क्षमता, ट्रेनों की तेज़ गति तथा यात्रा समय में कमी संभव हुई है। यह परिवर्तन रेलवे परिचालन में नवीकरणीय ऊर्जा के अधिक उपयोग को भी संभव बनाता है।

स्वच्छ ऊर्जा रणनीति के तहत भारतीय रेल अपनी ट्रैक्शन बिजली आवश्यकताओं को क्रमशः Renewable Energy स्रोतों से पूरा कर रही है। जून 2026 तक भारतीय रेल ने लगभग 1,161 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित कर ली है, जिसमें रूफटॉप और ग्राउंड-माउंटेड संयंत्र शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 103 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता भी स्थापित की गई है, जिससे कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 1,260 मेगावाट से अधिक हो गई है।

मंत्रालय ने कहा कि मिशन 100% विद्युतीकरण तकनीकी रूप से एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, क्योंकि विद्युतीकरण का कार्य उन रेल लाइनों पर किया जा रहा है, जहाँ रेल परिचालन निरंतर जारी रहता है। कार्य में तेजी लाने के लिए भारतीय रेल ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें परियोजना क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं के समाधान हेतु समर्पित प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप पोर्टल, सुदृढ़ परियोजना निगरानी प्रणाली, सुनिश्चित वित्तपोषण तथा फील्ड इकाइयों को अधिक वित्तीय अधिकार प्रदान करना शामिल है।

रेलवे जोनों में सेंट्रल, नॉर्दर्न, ईस्टर्न, वेस्टर्न, साउथ सेंट्रल और ईस्ट कोस्ट रेलवे सहित 15 रेलवे जोन, साथ ही कोंकण रेलवे और कोलकाता मेट्रो, पहले ही 100 फीसदी विद्युतीकरण प्राप्त कर चुके हैं। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे ने 99.8 फीसदी, जबकि नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे और सदर्न रेलवे ने 98.7 फीसदी विद्युतीकरण हासिल किया है।

राज्य स्तर पर आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, पंजाब और दिल्ली सहित कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में रेलवे का पूर्ण विद्युतीकरण हो चुका है। राजस्थान ने 99.8 फीसदी, तमिलनाडु ने 98.3 फीसदी, असम ने 97.9 फीसदी, कर्नाटक ने 96.8 फीसदी और गोवा ने 91.4 फीसदी विद्युतीकरण हासिल कर चुका है।

(Input from DD News)

Sanjay Sharan

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