नई दिल्ली । Union Minister for Environment भूपेंद्र यादव ने आज कहा कि सरकार ने नौ अपशिष्ट धाराओं के लिए क्षेत्र-विशिष्ट नियम लागू करके अपशिष्ट प्रबंधन को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे को उत्तरोत्तर मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि इन धाराओं में प्लास्टिक अपशिष्ट, बैटरी अपशिष्ट, ई-कचरा और अन्य शामिल हैं।
नई दिल्ली में Circular Economy Conference को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि ये नियम उत्पाद के पूरे जीवनचक्र में अपशिष्ट की रोकथाम, पुनर्चक्रण, पुन: उपयोग, पुनर्निर्माण और संसाधनों की पुनर्प्राप्ति पर केंद्रित हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक विनियमित अपशिष्ट धाराओं में लगभग 500 लाख मीट्रिक टन अपशिष्ट का प्रसंस्करण किया जा चुका है।
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर मंत्री ने पुनर्चक्रण योग्य सामग्री की उपलब्धता और पुनर्चक्रण क्षमता से जुड़ी चिंताओं के समाधान के लिए उत्पादकों और पुनर्चक्रणकर्ताओं के बीच अधिक समन्वय का आह्वान किया।
उन्होंने ई-कचरे और बैटरियों से महत्वपूर्ण खनिजों की अधिक प्रभावी पुनर्प्राप्ति तथा द्वितीयक कच्चे माल के बाजारों को विकसित करने और आपूर्ति-श्रृंखला की पता लगाने की क्षमता को मजबूत करने में उद्योग की अधिक भागीदारी का भी आह्वान किया।
(Input from News on Air)
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