चंडीगढ़ । Union Environment Minister भूपेंद्र यादव ने स्थानीय जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण के लिए स्थानीय स्तर पर योजना बनाने को अनिवार्य बताया है। चंडीगढ़ में State Biodiversity Boards और Union Territory Biodiversity Councils की 16वीं राष्ट्रीय बैठक को संबोधित किया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि पीपुल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टरों को स्थानीय निकायों के लिए गतिशील योजना उपकरण के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, जिससे स्थानीय जैव विविधता और उससे जुड़े पारंपरिक ज्ञान से संबंधित जानकारी स्थानीय योजना और सतत विकास में योगदान दे सके।
श्री यादव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपने नियमों, संस्थागत तंत्र और कार्यान्वयन प्रक्रियाओं को जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 और जैव विविधता नियम, 2024 के संशोधित ढांचे के अनुरूप करने का आग्रह किया।
उन्होंने भारत की लंबे समय से चली आ रही पर्यावरणीय सोच को रेखांकित किया और मिशन LiFE, एक पेड़ मां के नाम, अमृत सरोवर और ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम जैसी पहलों का उल्लेख किया।
दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक का आयोजन राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) द्वारा 6 से 7 सितंबर 2026 तक किया गया है।
(Input from news on Air}
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