नई दिल्ली । भारत ने सोमवार को देशों से आग्रह किया कि वे राष्ट्रों को ऐसी संवेदनशील प्रौद्योगिकियां हासिल करने से रोकें, जिनका हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही भारत ने सामूहिक विनाश के हथियारों (WMD) के आतंकवादियों के हाथों में पड़ने के खतरों को भी रेखांकित किया।
UN महासभा की प्रथम समिति में “सामूहिक विनाश के अन्य हथियार” विषय पर भारत का वक्तव्य देते हुए सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने रासायनिक हथियार सम्मेलन और जैविक हथियार सम्मेलन के पूर्ण, प्रभावी और गैर-भेदभावपूर्ण कार्यान्वयन के प्रति देश की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत ने गैर-राज्य तत्वों से बढ़ते खतरों के साथ-साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे विकास को ध्यान में रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सुमन ने इन चुनौतियों से निपटने और आतंकवादियों को सामूहिक विनाश के हथियारों तक पहुंच हासिल करने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सहायता को मजबूत करने के महत्व को भी रेखांकित किया।
(Input from DD News)
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