नई दिल्ली । भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आज वर्ष 2025-26 के दौरान निजी कॉर्पोरेट व्यवसाय क्षेत्र के प्रदर्शन पर अपनी रिपोर्ट जारी की, जिसमें बताया गया कि सूचीबद्ध निजी गैर-सरकारी गैर-वित्तीय (एनजीएनएफ) कंपनियों ने बिक्री में 10.1 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की। RBI के आंकड़ों के अनुसार, यह दो वर्षों के बाद दोहरे अंक की वृद्धि की वापसी को दर्शाता है।
4,278 सूचीबद्ध कंपनियों के संक्षिप्त वित्तीय परिणामों पर आधारित RBI के विश्लेषण से पता चला कि यह सुधार मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र के कारण हुआ, जहां बिक्री वृद्धि पिछले वर्ष के 6.0 फीसदी से बढ़कर 10.8 फीसदी हो गई। ऑटोमोबाइल, विद्युत मशीनरी, खाद्य एवं पेय पदार्थ तथा रसायन जैसे उद्योगों ने इस विस्तार का नेतृत्व किया, जबकि पेट्रोलियम क्षेत्र में बिक्री में गिरावट का रुख जारी रहा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि Service Sector ने भी स्थिर वृद्धि दर्ज की। आईटी कंपनियों की बिक्री एक वर्ष पहले के 7.1 प्रतिशत से बढ़कर 7.9 फीसदी हो गई, जबकि गैर-आईटी सेवा कंपनियों ने थोक और खुदरा व्यापार क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन के समर्थन से दोहरे अंक की वृद्धि बनाए रखी।
RBI ने कहा कि बढ़ती इनपुट लागत के बावजूद विनिर्माण कंपनियों ने अपनी लाभप्रदता में सुधार किया। कच्चे माल के खर्च में 12 फीसदी की वृद्धि हुई, जो लागत के दबाव को दर्शाती है, लेकिन परिचालन लाभ वृद्धि पिछले वर्ष के 6.0 फीसदी से बढ़कर 10.3 फीसदी हो गई। आईटी कंपनियों ने 10.7 फीसदी की परिचालन लाभ वृद्धि दर्ज की, जबकि गैर-आईटी सेवा कंपनियों में लाभ वृद्धि घटकर 7.1 फीसदी रह गई।
(Input From News on Air)
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