नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चक्र की अवधि और सीमा वास्तविक आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के रुझानों पर निर्भर करेगी।
RBI ने 5 से 7 अक्टूबर तक हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक का विवरण जारी किया, जिसमें सभी छह सदस्यों ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 5.5 प्रतिशत करने के पक्ष में मतदान किया। यह लगभग चार वर्षों में पहली बार ब्याज दर में बढ़ोतरी थी।
Governor ने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति का दबाव व्यापक हो रहा है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) बास्केट में शामिल 37 फीसदी वस्तुओं में अगस्त में मुद्रास्फीति चार फीसदी से अधिक दर्ज की गई, जबकि मार्च में यह आंकड़ा 20 फीसदी था।
RBI ने 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7.1 फीसदी और खुदरा मुद्रास्फीति 5.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में मुद्रास्फीति बढ़कर छह फीसदी होने की उम्मीद है।
(Input from News on Air)
Comments ( 0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to comment!