भोपाल । Union Home Minister and Minister of Cooperation अमित शाह ने शनिवार को कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 के तहत मध्य प्रदेश को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार ने दैनिक दूध खरीद में पर्याप्त वृद्धि और Cooperative Dairies के विस्तार का लक्ष्य रखा है।
भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित गोपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार पशुपालकों के साथ मिलकर डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और डेयरी सहकारी समितियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए काम करेंगी।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने दैनिक दूध खरीद को 12 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने इसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य बताते हुए राज्य को केंद्र के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
गृह मंत्री शाह ने कहा कि पशुपालकों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति मध्य प्रदेश में श्वेत क्रांति के लिए एक शुभ संकेत है।
उन्होंने कहा कि PM नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय के गठन से सहकारी क्षेत्र को नई गति मिली है, जिसके प्रमुख लाभार्थियों में किसान, पशुपालक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर निर्भर अन्य लोग शामिल हैं।
श्वेत क्रांति 2.0 के तहत 75,000 नई सहकारी डेयरियां
गृह मंत्री शाह ने कहा कि केन्द्र ने देशभर में 75,000 नई सहकारी डेयरियां स्थापित करने और श्वेत क्रांति 2.0 के तहत 46,000 मौजूदा डेयरियों को मजबूत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मध्य प्रदेश को इस पहल से महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है। नई सहकारी डेयरियां संगठित दूध बाजारों को मजबूत करेंगी, प्रसंस्करण सुविधाओं तक पहुंच में सुधार करेंगी और पशुपालकों को बेहतर लाभ प्राप्त करने में मदद करेंगी।
गृह मंत्री शाह ने कहा कि खुले बाजार में दूध बेचने वाले पशुपालकों को अक्सर बिचौलियों के कारण कम लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि सहकारी व्यवस्था लाभकारी मूल्य उपलब्ध करा सकती है और साथ ही उत्पादकों को दूध के प्रसंस्करण तथा मूल्यवर्धन से लाभ उठाने में सक्षम बना सकती है।
उन्होंने आइसक्रीम, मक्खन, घी, पनीर और मावा जैसे उत्पादों के लिए प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि डेयरी उत्पादक मूल्य श्रृंखला में अधिक हिस्सेदारी हासिल कर सकें।
भारत के दूध उत्पादन में तेज वृद्धि
भारत के डेयरी क्षेत्र की वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि देश का दूध उत्पादन 2014-15 में लगभग 14.60 करोड़ टन से बढ़कर वर्तमान में लगभग 24.80 करोड़ टन हो गया है।
उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता भी लगभग 58 प्रतिशत बढ़ी है, जो 2014-15 में लगभग 307 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 485 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय डेयरी उत्पाद अब संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, अमेरिका, सऊदी अरब और भूटान सहित कई देशों को निर्यात किए जा रहे हैं और डेयरी निर्यात लगभग 4,666 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
नस्ल सुधार और स्वदेशी मवेशियों पर जोर
गृह मंत्री शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश में दूध उत्पादकता बढ़ाने तथा डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के प्रयासों में नस्ल सुधार एक महत्वपूर्ण घटक होगा।
उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य सरकार से मवेशियों और भैंसों के नस्ल सुधार कार्यक्रमों के लिए 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
श्री साह ने कहा कि इस पहल में पशु स्वास्थ्य एवं दूध उत्पादकता में सुधार के साथ-साथ स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और विकास पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रजनन परिणामों में सुधार और पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आर्थिक अवसर पैदा करने के लिए सेक्स-सॉर्टेड सीमन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा।
गोबर आधारित अर्थव्यवस्था से अतिरिक्त आय होगी
केन्द्रीय मंत्री ने गोबर आधारित अर्थव्यवस्था की क्षमता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि गोबर के वैज्ञानिक संग्रह और प्रसंस्करण के लिए प्रौद्योगिकी आधारित मॉडल विकसित किए गए हैं।
इन मॉडलों का उद्देश्य मीथेन उत्सर्जन को कम करना, स्वच्छ ऊर्जा पैदा करना, पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण करना और ग्रामीण रोजगार पैदा करना है। गृह मंत्री शाह ने कहा कि ऐसी प्रणालियां विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे, जिनके माध्यम से गोबर पशुपालकों और किसानों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत बन सके।
उन्होंने कहा कि नस्ल सुधार, टीकाकरण, गुणवत्तापूर्ण पशुधन, चारा प्रबंधन, कृत्रिम गर्भाधान और सेक्स-सॉर्टेड सीमन से संबंधित पहलों को डेयरी क्षेत्र के आधुनिकीकरण तथा इसे चक्रीय अर्थव्यवस्था और नेट जीरो लक्ष्यों के साथ एकीकृत करने के प्रयासों के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
डेयरी सहकारी समितियां महिलाओं को सशक्त बनाएंगी
गृह मंत्री शाह ने डेयरी सहकारी समितियों को महिला सशक्तीकरण का एक प्रभावी साधन बताया और कहा कि डेयरी गतिविधियां आय को सीधे महिलाओं के हाथों में पहुंचा सकती हैं तथा ग्रामीण परिवारों को मजबूत कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र एक साथ महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास, किसानों की आर्थिक समृद्धि और कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में योगदान दे सकता है।
कार्यक्रम के दौरान डेयरी क्षेत्र में उनके योगदान के लिए महिला पशुपालकों या “गोपालक दीदियों” को भी सम्मानित किया गया।
डेयरी बुनियादी ढांचे की नई परियोजनाओं का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री शाह ने उज्जैन में प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता वाले दूध प्रसंस्करण संयंत्र की आधारशिला डिजिटल माध्यम से रखी। इसे 255 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने भोपाल में प्रतिदिन 40,000 लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का भी उद्घाटन किया, जिसे लगभग 16.5 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसके साथ ही 12.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का भी उद्घाटन किया गया।
6.5 करोड़ रुपये की लागत से किए गए शिवपुरी मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्यों का भी उद्घाटन किया गया।
इन परियोजनाओं से राज्य में दूध प्रसंस्करण क्षमता, गुणवत्ता जांच के बुनियादी ढांचे और व्यापक डेयरी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान भोपाल और इंदौर मिल्क यूनियनों से जुड़े पशुपालकों को बोनस वितरित किए गए, जबकि गौशालाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों के बीच लाभांश भी वितरित किए गए, पशुपालकों को सम्मानित किया गया और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के तहत स्वीकृति पत्र जारी किए गए।
गृह मंत्री शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर प्रकाश डाला
इससे पहले, गृह मंत्री शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा इनके कार्यान्वयन को प्रदर्शित करने वाले खंडों का अवलोकन किया।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नया आपराधिक न्याय ढांचा औपनिवेशिक काल की सजा-केंद्रित व्यवस्था से हटकर नागरिकों को न्याय प्रदान करने पर केंद्रित व्यवस्था की ओर बदलाव का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य नागरिकों की गरिमा, संपत्ति और शारीरिक सुरक्षा की रक्षा करना है तथा इनके केंद्र में “सजा” के बजाय “न्याय” है।
गृह मंत्री शाह ने कहा कि नए ढांचे में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, ऑनलाइन समन, ऑनलाइन सुनवाई, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फोरेंसिक विज्ञान सहित आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक उपकरणों को शामिल किया गया है। इसमें महिलाओं के खिलाफ अपराध, लापता बच्चों, आतंकवाद और मॉब लिंचिंग से संबंधित विशिष्ट प्रावधान भी हैं।
उन्होंने कहा कि पूरी तरह लागू होने के बाद नई आपराधिक न्याय प्रणाली एफआईआर दर्ज करने से लेकर कार्यवाही और उच्चतम न्यायालय तक न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक समयबद्ध बनाएगी।
नशामुक्त मध्य प्रदेश के लिए प्रयास
गृह मंत्री शाह ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मध्य प्रदेश को मादक पदार्थों और नशीली दवाओं से मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि समस्या से निपटने तथा राज्य के युवाओं और भावी पीढ़ियों की रक्षा के लिए कार्ययोजना तैयार करने हेतु मुख्यमंत्री यादव और संबंधित विभागों के साथ विस्तृत बैठक की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान भोपाल में “मोरवन परियोजना” के तहत शहरी वन विकसित करने के लिए कृभको और मध्य प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया।न्
गृह मंत्री शाह ने कहा कि केद्र एवं राज्य पशुपालकों, किसानों और महिलाओं को मध्य प्रदेश की डेयरी अर्थव्यवस्था के विस्तार का लाभ दिलाने के लिए सहकारिता और डेयरी क्षेत्रों को मजबूत करने की दिशा में मिलकर काम करते रहेंगे।
(Input from DD News)
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