PM । Loksabha । Minister of State for Law and Justice । Parliamentary Affairs Minister । Union Home Minister: लोकसभा ने ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026 किया पारित, राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग के गठन का प्रावधान

PM । Loksabha । Minister of State for Law and Justice । Parliamentary Affairs Minister । Union Home Minister: लोकसभा ने ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026  किया पारित, राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग के गठन का प्रावधान

नई दिल्ली । Loksabha ने आज विपक्ष के हंगामे के बीच बिना चर्चा के Tribunals Reforms Bill, 2026 को पारित कर दिया। सदन में लगातार जारी शोर-शराबे के कारण विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी। इसके बाद पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

दोपहर 2 बजे दूसरी बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होने पर Minister of State for Law and Justice अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष के विरोध के बीच विधेयक पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य विभिन्न ट्रिब्यूनलों के अध्यक्षों और सदस्यों की योग्यता, नियुक्ति और सेवा शर्तों में एकरूपता, पारदर्शिता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करना तथा ट्रिब्यूनलों के प्रशासन और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। विधेयक में राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग की स्थापना का भी प्रस्ताव है।

विधेयक पर बोलते हुए श्री मेघवाल ने कहा कि यह PM नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में लागू किए जा रहे सुधारों की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल अदालतों का विकल्प नहीं, बल्कि आधुनिक शासन व्यवस्था में उनके पूरक संस्थान हैं। ये कराधान, कंपनी कानून, पर्यावरण, प्रतिभूति बाजार, बौद्धिक संपदा और अन्य नियामक क्षेत्रों से जुड़े विशेष मामलों में त्वरित और प्रभावी न्याय प्रदान करने का कार्य करते हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार ने वर्ष 2015 से ट्रिब्यूनलों के युक्तिकरण की प्रक्रिया शुरू की थी और नया विधेयक एक आधुनिक, स्वतंत्र और एकरूप ट्रिब्यूनल व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रस्तावित राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश या किसी उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश द्वारा की जाएगी।

इस दौरान पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने प्रदर्शन कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटकर सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि सदन की कार्यवाही में व्यवधान के लिए कौन जिम्मेदार है।

श्री पाल ने कहा कि संसद चर्चा का मंच है, लेकिन मानसून सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष लगातार व्यवधान उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया Parliamentary Affairs Minister किरेन रिजिजू विपक्ष की उस मांग को स्वीकार कर चुके हैं, जिसके तहत Union Home Minister अमित शाह छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दे पर सदन में वक्तव्य देने के लिए तैयार हैं।

(Input from News on Air)

 

 

Sanjay Sharan

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