नई दिल्ली । PM नरेन्द्र मोदी ने कहा कि India-Australia गठबंधन नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक “मेलबर्न मीट्स मोदी” कार्यक्रम के दौरान मार्वल स्टेडियम में उमड़ी विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए PM ने एक मिलियन से अधिक भारतीय मूल के लोगों वाले जीवंत प्रवासी समुदाय को दोनों देशों की मित्रता का आधार स्तंभ बताया।
बारह वर्षों में ऑस्ट्रेलिया की अपनी तीसरी यात्रा के साथ कूटनीतिक “हैट्रिक” पूरी करते हुए PM ने ‘ग्रो मोर, अचीव मोर’ के मंत्र से प्रेरित विकसित भारत की भविष्य उन्मुख रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने “चिप्स से लेकर शिप्स तक” फैले विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि “मेक इन इंडिया” इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और फार्मास्यूटिकल्स सहित अनेक क्षेत्रों में एक वैश्विक ब्रांड बन चुका है। PM ने भारत के तीव्र बुनियादी ढांचा आधुनिकीकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन चुका है और नमो भारत रैपिड रेल तथा वंदे भारत प्रणालियों का तेजी से विस्तार हो रहा है।
रणनीतिक सुरक्षा और नवाचार पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत के स्वदेशी रक्षा प्लेटफॉर्मों की वैश्विक विश्वसनीयता का उल्लेख किया और विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए निर्णायक आतंकवाद विरोधी अभियानों का जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और जल्द ही एक भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप अपने स्वयं के रॉकेट से एक उपग्रह प्रक्षेपित करेगा। भविष्य की ओर देखते हुए उन्होंने खेल सहयोग को और मजबूत करने का आह्वान किया, क्योंकि भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी प्रयासरत है।
PM ने विशेष रूप से “नागरिक देवो भव” के सार्वभौमिक मंत्र पर जोर देते हुए कहा कि जब भी भारत संकट के समय सहायता का हाथ बढ़ाता है—चाहे म्यांमार में ऑपरेशन ब्रह्मा हो या श्रीलंका में ऑपरेशन सागर बंधु—तब वह कभी भी पासपोर्ट का रंग नहीं देखता।
ऑस्ट्रेलिया के PM एंथनी अल्बनीज़ ने कार्यक्रम के उत्साहपूर्ण माहौल की सराहना की। उन्होंने 1991 में एक बैकपैकर के रूप में भारत की अपनी पहली यात्रा को याद करते हुए भारतीय प्रवासी समुदाय की प्रशंसा की और उसे ऑस्ट्रेलिया की समृद्धि को गति देने वाली बहुसांस्कृतिक शक्ति बताया। उन्होंने इस समुदाय को दोनों देशों के बीच अटूट साझेदारी का वास्तविक “जीवंत सेतु” भी बताया।
संवाददाता के अनुसार, मार्वल स्टेडियम में गूंजती जोरदार तालियां और उत्साह इस मूल सत्य को दर्शाते हैं कि भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध अब पारंपरिक कूटनीति से कहीं आगे बढ़ चुके हैं। PM मोदी का महत्वाकांक्षी और विकसित भारत का दृष्टिकोण—वैश्विक विनिर्माण उपलब्धियों से लेकर ऑपरेशन ब्रह्मा जैसी महत्वपूर्ण मानवीय सहायता पहलों तक—यह साबित करता है कि एक मजबूत भारत पूरी मानवता के लिए लाभकारी है। वहीं PM अल्बनीज़ द्वारा इस सशक्त समुदाय को “जीवंत सेतु” के रूप में सम्मानित करना यह स्पष्ट करता है कि भारतीय प्रवासी समुदाय दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और रणनीतिक रक्षा सहयोग को सक्रिय रूप से नई गति दे रहा है, जिससे दोनों देशों का साझा भविष्य सुरक्षित, समृद्ध और गहरे पारस्परिक विश्वास पर आधारित बना रहेगा।
(Input from News on Air)
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