नई दिल्ली । PM नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों से बड़े सपने देखने और अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि भारतीय प्रतिभाएं दुनिया की शीर्ष कंपनियों का नेतृत्व कर सकती हैं, तो भारतीय उद्यम भी दुनिया का नेतृत्व कर सकते हैं।
श्री मोदी ने ये बातें नई दिल्ली में श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के Centenary Celebrations के अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहीं। 21वीं सदी के युवाओं की महत्वाकांक्षी भावना को प्रोत्साहित करते हुए PM ने यूनिकॉर्न बनाने, ड्रोन तकनीक में नवाचार करने और अत्याधुनिक एआई समाधान तैयार करने के उनके उत्साह की सराहना की।
श्री मोदी ने युवाओं से पिछली पीढ़ियों से भी बड़े सपने देखने का आग्रह किया और उन्हें ऐसी वैश्विक परामर्श, लेखा, वित्तीय और कानूनी फर्में बनाने की चुनौती दी, जो दुनिया का नेतृत्व कर सकें।
PM ने यह भी रेखांकित किया कि दुनिया अब भारत की नीतिगत गतिशीलता और सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उसकी स्थिति की प्रशंसा करती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध और वैश्विक व्यापार संबंधी बाधाओं के बीच 7.8 फीसदी की तिमाही वृद्धि हासिल करना भारत की अंतर्निहित क्षमता को दर्शाता है।
PM ने मेक इन इंडिया पहल की सफलता की भी सराहना की, जिसने देश को एक बड़े आयातक से एक प्रमुख निर्यातक में बदल दिया है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बताया कि स्मार्टफोन का निर्यात अब 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जबकि घरेलू रक्षा उत्पादन लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
श्री मोदी ने यह भी कहा कि 2013-14 में केवल 600 से 700 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात अब बढ़कर 40 हजार करोड़ रुपये हो गया है। श्री मोदी ने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति नहीं हैं, जो छोटे और आसान लक्ष्य लेकर चलते हैं, बल्कि ऐसे व्यक्ति हैं जो देश के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करते हैं और उन्हें हासिल करने के लिए अपना पूरा दिल और आत्मा लगा देते हैं।
श्री मोदी ने बुनियादी ढांचे के विकास और नीतियों के क्रियान्वयन में भारत की अभूतपूर्व गति को भी रेखांकित किया, जिसमें पहले जिन परियोजनाओं को पूरा होने में दशकों लगते थे, वे अब केवल कुछ वर्षों में पूरी हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क का तेजी से विद्युतीकरण और बढ़ती संख्या में मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreements) देश के युवाओं के लिए नए अवसर खोल रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत में पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन 1925 में चली थी, लेकिन 2014 तक 30 फीसदी से भी कम रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण हुआ था।
रेलवे लाइनों के विद्युतीकरण के लिए अपनी सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए श्री मोदी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने केवल 12 वर्षों में लगभग 100 फीसदी विद्युतीकरण हासिल कर लिया है।
(Input from News on Air)
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