नई दिल्ली । सरकार ने Sugar Dealers के लिए स्टॉक रखने की सीमा 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी है। यह सीमा इस महीने की 15 तारीख से इस वर्ष 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नई स्टॉक सीमा का उद्देश्य जमाखोरी और सट्टेबाजी पर अंकुश लगाना, पर्याप्त उपलब्धता और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करके उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
वर्तमान में, देशभर में Sugar Dealers पर 4,000 क्विंटल की स्टॉक रखने की सीमा पिछले महीने की 1 तारीख से प्रभावी है। संशोधित प्रावधानों के तहत, कोई चीनी डीलर स्टॉक प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों से अधिक की अवधि तक उस स्टॉक को नहीं रख सकेगा।
Sugar Dealers देश में किसी भी समय और किसी भी स्थान पर 2,000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। हालांकि, क्षेत्र की विशिष्ट बाजार आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, कोलकाता और इसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्रों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 4,000 क्विंटल ही रहेगी।
Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution ने कहा कि कोलकाता क्षेत्र उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से चीनी प्राप्त करता है और पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित देश के पूर्वी हिस्से में इसकी आपूर्ति करता है।
इसलिए, कोलकाता और इसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्रों के लिए मौजूदा 4,000 क्विंटल की सीमा बरकरार रखी गई है। सरकार ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि वह घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता, व्यवस्थित आपूर्ति और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है, साथ ही यह सुनिश्चित कर रही है कि वास्तविक व्यापार और वितरण गतिविधियां बिना किसी व्यवधान के जारी रहें।
(Input from PB Shabd)
Comments ( 0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to comment!