नई दिल्ली । NEET मुद्दे पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई सहित कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
Lok Sabha की कार्यवाही पहले स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे शुरू हुई। सदन ने संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 तथा संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 पर गठित संयुक्त समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय-सीमा को संसद के शीतकालीन सत्र 2026 के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक बढ़ाने की अनुमति प्रदान की।
इसके बाद पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 को विचार और पारित करने के लिए सदन के समक्ष रखा। Minister of State for Home नित्यानंद राय ने विपक्ष के हंगामे के बीच विधेयक पेश किया। बिना किसी चर्चा के यह विधेयक सदन में हंगामे के बीच पारित कर दिया गया।
Parliamentary Affairs Minister किरन रिजिजू ने चर्चा में भाग नहीं लेने के लिए विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण विधेयक है और सरकार चाहती थी कि सभी सदस्य चर्चा में भाग लें। श्री रिजिजू ने कहा कि इस पर चर्चा का समय पहले ही कार्य मंत्रणा समिति (बिजनेस एडवाइजरी कमेटी) में तय किया जा चुका था। मंत्री ने कहा कि उन्होंने बार-बार विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस से, इस महत्वपूर्ण विधेयक पर समुचित चर्चा सुनिश्चित करने की अपील की थी।
विधेयक पारित होने के बाद विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। अब सदन की अगली बैठक 3 अगस्त को सुबह 11 बजे होगी।
मीडिया के अनुसार, जन्म तथा मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संशोधन करना है। यह नया विधेयक विलंबित पंजीकरण संबंधी प्रावधानों को अधिक कठोर बनाने और जन्म तथा मृत्यु की घटनाओं की समय पर सूचना देने को प्रोत्साहित करने के लिए लाया गया है।
विधेयक में प्रावधान किया गया है कि यदि किसी जन्म या मृत्यु की सूचना एक वर्ष से अधिक लेकिन दो वर्ष के भीतर रजिस्ट्रार को दी जाती है, तो उसका पंजीकरण केवल जिला मजिस्ट्रेट, उप-मंडल मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति से ही किया जा सकेगा। इसके लिए जन्म या मृत्यु की प्रामाणिकता का सत्यापन किया जाएगा।
विधेयक में आगे कहा गया है कि यदि किसी जन्म या मृत्यु की सूचना दो वर्ष से अधिक समय बाद दी जाती है, तो उसका पंजीकरण केवल प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही किया जाएगा। विधेयक यह भी अनिवार्य करता है कि विलंबित पंजीकरण की अनुमति देने से पहले नामित प्राधिकारी जन्म या मृत्यु की सूचना की प्रामाणिकता का सत्यापन करेगा। जन्म और मृत्यु का पंजीकरण अनिवार्य है और जारी किया गया प्रमाणपत्र किसी व्यक्ति को कानूनी पहचान प्रदान करता है।
इससे पहले, जब लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, तो अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। वे इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग कर रहे थे।
श्री बिरला ने सभी विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल के दौरान सदन की कार्यवाही बाधित न करने की अपील की। उन्होंने कुछ विपक्षी सदस्यों द्वारा जानबूझकर किए जा रहे व्यवधान पर भी चिंता व्यक्त की। श्री बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल सदस्यों का होता है और सरकार से उत्तर प्राप्त करने के लिए यह उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि सदन में तख्तियां और बैनर लाना संसद की परंपराओं और मर्यादा के अनुरूप नहीं है। हंगामा जारी रहने पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
Rajya Sabha की कार्यवाही भी इसी मुद्दे पर सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। Raj Sabha की बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई, तो कई केंद्रीय मंत्रियों ने सदन के पटल पर पत्र रखे। ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी विभागीय संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।
सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने अपने मंत्रालय से संबंधित फर्जी समाचारों पर रोक लगाने की व्यवस्था की समीक्षा विषयक संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी विभागीय संसदीय स्थायी समिति की 22वीं रिपोर्ट की सिफारिशों के क्रियान्वयन की स्थिति पर वक्तव्य दिया।
इसके बाद सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने शून्यकाल प्रारंभ किया। कई सदस्यों ने जनमहत्व के तात्कालिक मुद्दे उठाए। हालांकि, विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
Union Agriculture Minister शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी सदस्यों की आलोचना करते हुए कहा कि वे हर मुद्दे पर व्यवधान पैदा कर रहे हैं और चर्चा से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन की गरिमा को कम कर रहा है और लोकतंत्र का मजाक बना रहा है। श्री चौहान ने कहा कि देश की जनता उनके आचरण को देख रही है और उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
हंगामा जारी रहने पर सभापति ने सदन की कार्यवाही सोमवार, 3 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।
(Input from News on Air)
Comments ( 0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to comment!