नई दिल्ली । PM नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को New Zealand के PM क्रिस्टोफर लक्सन के साथ चुनिंदा मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) और उद्योग जगत के नेताओं के एक समूह से बातचीत की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और नवाचार के विस्तार की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।
उद्योग जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि India और New Zealand साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन के प्रति सम्मान, विविधता और सतत विकास के प्रति समान प्रतिबद्धता से जुड़े हुए हैं, जो दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी के लिए एक सुदृढ़ आधार प्रदान करते हैं।
उन्होंने भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे तथा बाजार पहुंच, निवेश, सेवाओं, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा की आवाजाही के क्षेत्रों में नए अवसर सृजित होंगे।
भारत की आर्थिक मजबूती का उल्लेख करते हुए PM ने कहा कि देश की निरंतर उच्च आर्थिक विकास दर, युवा और कुशल कार्यबल, तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल परिवर्तन, आधुनिक अवसंरचना और लगातार जारी आर्थिक सुधार New Zealand की कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और India की सतत विकास यात्रा ने देश को वैश्विक आर्थिक वृद्धि का एक प्रमुख योगदानकर्ता बना दिया है।
PM मोदी ने New Zealand की कंपनियों को भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए आमंत्रित करते हुए अवसंरचना, नागरिक उड्डयन, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी गतिशीलता, जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में अधिक निवेश का आह्वान किया।
भारत के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र पर जोर देते हुए उन्होंने दोनों देशों के उद्योग जगत से नवाचार, फिनटेक और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का आग्रह किया।
PM ने दोनों देशों की पूरक क्षमताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि डेयरी विज्ञान, बागवानी और वानिकी में New Zealand की विशेषज्ञता तथा भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार, खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना और एग्री-टेक प्रतिभा का संयोजन वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी खाद्य मूल्य श्रृंखलाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
PM मोदी ने उद्योग जगत से व्यावसायिक साझेदारी को और गहरा करने तथा वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूज़ीलैंड डॉलर (लगभग 35,000 करोड़ रुपये) तक दोगुना करने के साझा लक्ष्य में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक साझेदारी में समावेशी और सतत व्यापार का एक आदर्श मॉडल बनने की क्षमता है, जो नवाचार, निवेश और साझा समृद्धि को बढ़ावा देगी।
(Input from DD News)
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