नई दिल्ली । Union Science and Technology Minister डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि मानव अंतरिक्ष उड़ान, स्टार्ट-अप और नए अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र पर ध्यान केन्द्रित करते हुए India-France अंतरिक्ष सहयोग नए चरण में प्रवेश कर गया है।
मंत्री ने यह बात आज नई दिल्ली में फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट के नेतृत्व में आए एक उच्चस्तरीय फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान कही।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंध अब सरकारों, अनुसंधान संस्थानों, उद्योगों और स्टार्ट-अप को एक साथ लाकर एक बड़े पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण का अवसर प्रदान करते हैं, जिसमें तेजी से विस्तार कर रहे अंतरिक्ष क्षेत्र में गहन सहयोग भी शामिल है।
इसके अलावा, उन्होंने रेखांकित किया कि India-France Space partnership छह दशकों से अधिक समय से चली आ रही है, जो साउंडिंग रॉकेट प्रयोगों से लेकर गगनयान और संयुक्त उपग्रह मिशनों तक फैली हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में जारी बदलाव ने दोनों देशों के लिए सरकारी संस्थानों और स्थापित एजेंसियों से आगे बढ़कर सहयोग का विस्तार करने की नई संभावनाएं पैदा की हैं।
भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों और निजी पारिस्थितिकी तंत्र के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 4 सौ से अधिक भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप अब रॉकेट निर्माण, उपग्रह निर्माण और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग का अगला चरण दोनों पक्षों के सरकारी संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप को एक साथ लाकर एक बड़ा पारिस्थितिकी तंत्र और व्यापक संसाधन आधार तैयार कर सकता है।
डॉ. सिंह ने अंतरिक्ष क्षेत्र में व्यापक सरकारी-उद्योग और स्टार्ट-अप सहयोग का भी आह्वान किया।
(Input from PB Shabd)
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