नई दिल्ली । Independence Day के अवसर पर Lal Qila के प्राचीर से PM मोदी ने कहा कि पिछले बारह वर्षों में देश के करोड़ों नागरिकों ने अपने संकल्प और समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के कारण 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
उन्होंने कहा कि जो भारत कभी दुनिया की ‘फ्रैजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, वह आज एक प्रमुख और विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। श्री मोदी ने कहा कि भारत ने एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है—2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का।
विभिन्न क्षेत्रों में हुई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए PM ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ा है, खादी और ग्रामोद्योग उत्पादन लगभग पांच गुना बढ़ा है, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण लगभग सात गुना बढ़ा है, आधुनिक रेलवे कोच निर्माण 21 गुना बढ़ा है और मोबाइल फोन निर्माण में 33 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग चार गुना बढ़ी है और डिजिटल लेनदेन 100 गुना बढ़े हैं।
श्री मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार ने आम आदमी के कल्याण और सुविधाओं के लिए समान गंभीरता के साथ कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देश ने शासन व्यवस्था में भी ऐतिहासिक परिवर्तन किए हैं, जहां हजारों अनुपालन संबंधी प्रक्रियाओं को समाप्त किया गया और सैकड़ों पुराने कानूनों को निरस्त किया गया।
PM मोदी ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए कई अभूतपूर्व संकटों का सफलतापूर्वक सामना किया है। उन्होंने कोविड-19 महामारी और उसके बाद यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया में हुए संघर्षों से उत्पन्न चुनौतियों को याद किया। उन्होंने कहा कि इन संकटों के दौरान लोगों के बीच भय पैदा करने के लिए टीकों, ईंधन, गैस, डीजल और उर्वरकों की कमी को लेकर कई तरह की भविष्यवाणियां और अफवाहें फैलाई गईं।
श्री मोदी ने कहा कि भारत की सुविचारित नीतियों, तैयारियों और सक्रिय कदमों ने देश को इन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में मदद की। PM ने कहा कि ‘नागरिक देवो भवः’ के सिद्धांत से प्रेरित सरकार की कार्यप्रणाली ने यह सुनिश्चित किया कि पिछले एक दशक में की गई व्यवस्थाएं संकट के समय प्रभावी साबित हों। उन्होंने कहा कि आज देश में गैस, पेट्रोल और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है और भारत अपनी क्षमताओं के बल पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
PM ने कहा कि दुनिया का हर देश अपने हितों के प्रबंधन और संरक्षण की ओर अग्रसर है, लेकिन दुर्भाग्यवश संकट के इस दौर में कुछ देशों ने अपनी प्रभुत्व शक्ति दिखाने के लिए संसाधनों को हथियार बनाने का खेल खेला है, चाहे वह पेट्रोल हो, डीजल हो या उर्वरक। PM ने जोर देकर कहा कि ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में यदि देश ने पिछले एक दशक में आत्मनिर्भरता के मंत्र को मार्गदर्शक बनाकर सही रास्ता न अपनाया होता, तो यह कल्पना करना भी कठिन होता कि भारत इन विशाल चुनौतियों का सामना कैसे करता और उन पर कैसे विजय प्राप्त करता।
PM मोदी ने कहा कि कई बार कोई देश संसाधनों की कमी के कारण नहीं रुकता, बल्कि अपनी सोच की सीमाओं के कारण रुक जाता है। उन्होंने कहा कि आज भारत को कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ता है और यह भी सोच की सीमाओं का ही परिणाम है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने समुद्री क्षेत्रों के 99 प्रतिशत हिस्से को, जिन्हें पहले ‘नो-गो ज़ोन’ घोषित किया गया था, खोलकर ‘गो-अहेड क्षेत्र’ में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अब समुद्र के नीचे सक्रिय रूप से खोज अभियान चला रही है और नए भंडारों की खोज के लिए प्रयास कर रही है।
(Input from News on Air)
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