पलवल/हरियाणा । National Green Tribunal, नई दिल्ली द्वारा Crop Residue Burning पर प्रतिबंध लगाने संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। जिला पलवल में धान एवं अन्य फसलों की कटाई का कार्य शुरू होने के मद्देनजर फसल अवशेष एवं पराली जलाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जिलाधीश डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत आदेश जारी करते हुए सम्पूर्ण जिला पलवल में धान आदि फसलों की कटाई के बाद बचे फसल अवशेषों,पराली को जलाने पर रोक लगाई है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सहायक तकनीकी प्रबंधक अतुल कुमार शर्मा ने बताया कि उपायुक्त द्वारा जारी आदेश में कहा कि फसल अवशेष जलाने से उत्पन्न धुआं वातावरण में फैलकर वायु प्रदूषण का कारण बनता है तथा इसका मानव स्वास्थ्य सहित सभी प्राणीमात्र के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
इसके अलावा पराली जलाने की घटनाओं से सम्पत्ति एवं मानव जीवन को भी नुकसान होने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि फसल कटाई के बाद बचे अवशेषों को जलाने से पशुओं के चारे की उपलब्धता प्रभावित होती है।
साथ ही, खेतों में मौजूद मित्र कीट नष्ट होने के कारण भूमि की उर्वरक शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे आगामी फसल की पैदावार भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसानों से फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनके उचित प्रबंधन को अपनाने का आह्वान किया गया है।
उन्होंने बताया कि National Green Tribunal, नई दिल्ली द्वारा भी फसल अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाने संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के तहत जुर्माने का भी प्रावधान है।
हरियाणा सरकार द्वारा भी समय-समय पर Hon'ble Supreme Court तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त आदेश तुरंत प्रभाव से सम्पूर्ण जिला पलवल में लागू होंगे।
उन्होंने किसानों एवं फसल कटाई से जुड़े सभी संबंधित लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने तथा फसल अवशेषों को न जलाने की अपील की है।
(Input from PB Shabd)
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