मुंबई । बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने कहा है कि HC के आदेश के अनुसार, आगामी उत्सव के दौरान छह फीट से कम ऊंचाई वाली भगवान गणेश की मूर्तियों का कृत्रिम तालाबों में विसर्जन करना अनिवार्य होगा।
BMC मुख्यालय में नागरिक अधिकारियों, गणेश मंडलों के पदाधिकारियों और मूर्ति निर्माताओं के बीच समीक्षा बैठक के बाद जारी एक विज्ञप्ति में नागरिक निकाय ने कहा कि उसने छह फीट से कम ऊंचाई वाली मूर्तियों के विसर्जन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं।
नागरिक निकाय ने 281 कृत्रिम विसर्जन तालाब उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा 44 समुद्र तट और जेटी तथा 23 प्राकृतिक झीलें हैं, जिससे कुल विसर्जन स्थलों की संख्या 348 हो गई है। कृत्रिम तालाबों के स्थानों की जानकारी नागरिकों को क्यूआर कोड और गूगल मैप्स के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, BMC विसर्जन स्थलों पर 1,132 लाइफगार्ड, 85 एंबुलेंस, 34 क्रेन और 10 मोटर बोट तैनात करेगी। इसके अलावा 498 ‘निर्माल्य’ (फूलों, मालाओं के अवशेष) संग्रह डिब्बे, 326 निर्माल्य डंपर और 6,052 फ्लड लाइट तथा सर्च लाइट की भी व्यवस्था की जाएगी।
पर्यावरण अनुकूल गणेश उत्सव को बढ़ावा देने के लिए BMC ने मूर्ति निर्माताओं को 858 टन शाडू मिट्टी और 25,400 लीटर पर्यावरण अनुकूल पेंट निःशुल्क उपलब्ध कराया है।
Mumbai Mayor रितु तावड़े ने यह भी घोषणा की है कि उत्सव के दौरान ‘श्री गणेश आरोग्याचा’ पहल के तहत सार्वजनिक गणपति मंडलों में या उनके आसपास निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इन शिविरों में सामान्य स्वास्थ्य और आंखों की जांच, जरूरतमंद लोगों को चश्मे का वितरण तथा महिलाओं के लिए स्तन कैंसर की जांच शामिल होगी। 10 दिवसीय Ganesh festival 14 सितंबर से शुरू होने वाला है।
(Input from News on Air)
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