नई दिल्ली । Delhi Chief Electoral Officer के कार्यालय ने आज कहा कि पिछले महीने की 31 तारीख को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची निर्धारित प्रक्रिया और सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर तैयार की गई है।
Delhi Chief Electoral Officer ने आज उस मीडिया रिपोर्ट के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया, जिसमें दावा किया गया था कि 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले जोड़े गए करीब 40 फीसदी नाम उस निर्वाचन क्षेत्र में SIR मसौदे में गायब हैं, जहाँ आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल मामूली अंतर से चुनाव हार गए थे।
इसने अपने बयान में स्पष्ट किया कि मसौदा मतदाता सूची में किसी नाम का शामिल न होना अपने आप में अपात्रता का अंतिम निर्धारण नहीं है। इसमें कहा गया कि एक पुनरीक्षण अवधि में किए गए नामों के समावेशन की तुलना बाद की मसौदा मतदाता सूची में नाम शामिल न होने से करना, अपने आप में, यह स्थापित नहीं कर सकता कि कोई विलोपन या नाम का शामिल न होना गलत और दुर्भावनापूर्ण है।
इसमें कहा गया कि प्रत्येक मामले की जांच लागू पात्रता शर्तों, क्षेत्रीय सत्यापन, दस्तावेजों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर की जानी आवश्यक है।
Delhi Chief Electoral Officer ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची लगातार अद्यतन किया जाने वाला वैधानिक रिकॉर्ड है। इसमें कहा गया कि निवास स्थान बदलने, मृत्यु, दोहरी प्रविष्टि, पात्रता शर्तों को पूरा न करने या कानून के तहत निर्धारित अन्य आधारों जैसे कारकों के कारण बदलाव हो सकते हैं।
(Input from News on Air)
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