नई दिल्ली । उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित भारत की Retail Inflation अगस्त 2026 में 4.82 फीसदी रही, यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार है।
2024 को आधार वर्ष मानकर अखिल भारतीय CPI पर आधारित महंगाई दर, अगस्त 2025 की तुलना में उपभोक्ता कीमतों में साल-दर-साल बदलाव को मापती है। अगस्त का आंकड़ा अनंतिम है।
ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में कीमतों में वृद्धि की दर अधिक बनी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई 5.23 फीसदी रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 4.31 फीसदी रही।
खाद्य महंगाई ऊंची बनी हुई है
महीने के दौरान खाद्य कीमतें महंगाई के दबाव का एक प्रमुख स्रोत बनी रहीं। उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) ने अगस्त में साल-दर-साल 5.95 फीसदी की महंगाई दर्ज की। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 6.13 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में 5.64 फीसदी रही।
खाद्य और पेय पदार्थ श्रेणी में 5.66 फीसदी की महंगाई दर्ज की गई, जो समग्र CPI महंगाई दर से अधिक है।
व्यक्तिगत देखभाल, रेस्तरां में कीमतों में तेज वृद्धि
प्रमुख उपभोग श्रेणियों में व्यक्तिगत देखभाल, सामाजिक सुरक्षा और विविध वस्तुओं एवं सेवाओं में सबसे अधिक 15.17 फीसदी की महंगाई दर्ज की गई।
इसके बाद रेस्तरां और आवास सेवाओं का स्थान रहा, जहां महंगाई 8.38 फीसदी रही। पान, तंबाकू और मादक पदार्थों में महंगाई 4.71 फीसदी दर्ज की गई, जबकि परिवहन सेवाओं में 4.60 फीसदी की महंगाई दर्ज हुई।
शिक्षा सेवाओं में 3.73 फीसदी की महंगाई दर्ज की गई, जबकि कपड़ों और जूतों-चप्पलों की कीमतों में 3.56 फीसदी की वृद्धि हुई।
फर्निशिंग, घरेलू उपकरण और नियमित घरेलू रखरखाव में महंगाई 2.68 फीसदी रही। आवास, पानी, बिजली, गैस और अन्य ईंधनों में 2.61 फीसदी की महंगाई दर्ज की गई।
निचले स्तर पर, सूचना और संचार में 2.01 फीसदी की महंगाई दर्ज की गई, जबकि मनोरंजन, खेल और संस्कृति में यह 1.74 फीसदी रही।
अगस्त में दर्ज की गई श्रेणियों में स्वास्थ्य क्षेत्र में सबसे कम 1.34 फीसदी की महंगाई दर्ज की गई।
(Input from DD News)
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