नई दिल्लीः Central Rail Mantri श्री अश्विनी वैष्णव 30 अप्रैल को Jammu Tawi Railway Station से विस्तारित श्रीनगर-जम्मू वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। यह जम्मू-कश्मीर में रेल संपर्क के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
यह सेमी-हाईस्पीड ट्रेन पहले श्रीनगर और श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलती थी, जिसे अब बढ़ाकर जम्मू तवी तक किया गया है, जो क्षेत्र का सबसे बड़ा रेल केन्द्र है। विस्तारित मार्ग पर नियमित सेवाएं 2 मई से शुरू होंगी, जिससे यात्रियों को एकल यात्रा में सुगम संपर्क मिलेगा।
बढ़ती मांग को देखते हुए Bhartiya rail ने ट्रेन की क्षमता 8 कोच से बढ़ाकर 20 कोच कर दी है, जिससे इसकी क्षमता दोगुने से अधिक हो गई है। जून 2025 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इस सेवा के शुभारंभ के बाद से यह ट्रेन लगातार पूर्ण क्षमता से चल रही है और विशेष रूप से तीर्थ एवं पर्यटन सीजन में लंबी प्रतीक्षा सूची देखी गई है।
रेल मंत्रालय ने कहा कि जम्मू तवी तक विस्तार और बढ़ी हुई क्षमता से तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, व्यापारियों और स्थानीय यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। अब दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों से आने वाले यात्री कटरा में ट्रेन बदले बिना सीधे जम्मू से वंदे भारत पकड़ सकेंगे।
266 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर सप्ताह में छह दिन दो जोड़ी ट्रेनें चलेंगी, जिनमें जम्मू और श्रीनगर से सुबह तथा दोपहर दोनों समय यात्रा विकल्प उपलब्ध होंगे। यह सफर पांच घंटे से कम समय में पूरा होगा, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी।
इससे विशेष रूप से Vaishno Devi Shrine जाने वाले श्रद्धालुओं और Amarnath Yatra करने वाले यात्रियों को लाभ होगा, क्योंकि अब प्रमुख तीर्थ स्थलों के बीच बिना ट्रेन बदले यात्रा संभव होगी। पर्यटकों को भी हिमालयी क्षेत्र में आरामदायक और सुंदर रेल यात्रा का विकल्प मिलेगा, जिससे सड़क जाम और मौसम संबंधी बाधाओं से राहत मिलेगी।
स्थानीय निवासियों के लिए भी यह सेवा बड़ी राहत होगी। साथ ही छात्रों, मरीजों, सरकारी अधिकारियों तथा दैनिक यात्रियों को अब जम्मू एवं श्रीनगर के बीच सीधा और विश्वसनीय रेल संपर्क मिलेगा। यह सेवा कठिन सर्दियों में भी संचालन के लिए तैयार की गई है, खास कर, जब बर्फबारी के कारण राजमार्ग बंद हो जाते हैं।
बेहतर संपर्क से व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। कश्मीर घाटी के कारीगरों, व्यापारियों एवं उद्यमियों को हस्तशिल्प, केसर और वस्त्र जैसे उत्पादों के व्यापार में तेज और विश्वसनीय यात्रा सुविधा मिलेगी, जिससे लॉजिस्टिक लागत घटेगी और बाजार तक पहुंच बढ़ेगी।
अपने दौरे के दौरान श्री वैष्णव उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) प्रोजेक्ट के दो प्रमुख इंजीनियरिंग चमत्कारों— अंजी खाद पुल और चिनाब रेल पुल का भी निरीक्षण करेंगे। बता दें कि चिनाब रेल पुल नदी तल से 359 मीटर ऊंचाई पर स्थित विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है, जबकि अंजी पुल भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे पुल है।
यह विस्तार पिछले दशक में जम्मू-कश्मीर की रेल संरचना में हुए परिवर्तन का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसमें 2014 में उधमपुर-कटरा खंड का शुभारंभ, कश्मीर घाटी में विद्युतीकरण और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों का विकास शामिल है।
36 सुरंगों और 943 पुलों वाले USBRL Project के पूरा होने के साथ यह क्षेत्र राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से और अधिक जुड़ गया है, जिससे संपर्क, पर्यटन और आर्थिक विकास के नए अवसर खुलेंगे।
(Input from DD News)
Comments ( 0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to comment!