नई दिल्ली । Ministry of Environment, Forest and Climate Change में सचिव तन्मय कुमार ने कहा है कि BRICS संगठन पिछले दो दशक में आर्थिक संवाद मंच से विकसित होकर महत्वपूर्ण चुनौतियों के समाधान का प्रभावी मंच बन गया है। ये चुनौतियां बढ़ते प्रदूषण, जैव विविधता हानि और बढ़ते तापमान की वैश्विक समस्या से संबंधित हैं।
आज नयी दिल्ली में Climate Change तथा Environment Working Group and Contact Group on Sustainable Development की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि सतत विकास, जलवायु समायोजन, संसाधन सक्षमता और चक्रीय अर्थव्यवस्था तथा पर्यावरणीय निगरानी के संदर्भ में भागीदारी मजबूत हुई है।
बैठक के दौरान भारत ने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स 2026 की गतिविधियां वैश्विक सहयोग को मनुष्यता प्रथम के आधार पर जन केंद्रित बनाने के PM नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण से निर्देशित हैं।
भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान Environment Working Group and Contact Group on Sustainable Development ने चार प्राथमिकता क्षेत्रों- सतत जीवन शैली, वन्यीकरण, जंगल की आग और आपदा प्रबंधन, चक्रीय अर्थव्यवस्था और समायोजन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया है।
BRICS के सदस्य देशों में भारत, रूस, ब्राजील, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
(Input From PB Shabd)
Comments ( 0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to comment!