पूर्णिया के Health Department को, निगरानी के माध्यम से उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान, ट्रैकिंग, प्रबंधन, फॉलो अप और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने में पूरे राज्य में प्रथम स्थान मिला है।
पूर्णिया: पूर्णिया Health Department के द्वरा उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान, ट्रैकिंग, प्रबंधन, फॉलो अप तथा संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। इस कार्य हेतु पूरे प्रदेश में पूर्णिया को प्रथम स्थान मिला है। यह लंबे समय का अथक प्रयास है जिसका उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना एवं मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में लगातार कमी लाना रहा है।
Purina Medical College अस्पताल के सुपरिटेंडेंट, डॉ. संजय कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज सहित जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में उच्च जोखिम गर्भावस्था और नवजात शिशु गहन चिकित्सा तथा मातृ-शिशु देखभाल केंद्र संचालित किए गए हैं। इन केंद्रों में माताओं और बच्चों की बेहतर देखभाल के साथ-साथ दुग्धपान के तरीकों की जानकारी भी दी जाती है।
UNICEF (संयुक्त राष्ट्र एजेंसी) के चिकित्सक, डॉ. सिद्धार्थ रेड्डी ने बताया कि यह कार्य टीम वर्क की भावना से संभव हो पाया है। अनुभवी चिकित्सा एवं नर्सिंग स्टाफ 24 घंटे सेवाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के शुरुआती चरण में जोखिम की पहचान कर नियमित फॉलो अप तथा संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करके इससे जुड़ी गंभीर जटिलताओं एवं मृत्यु के मामलों में कमी लाई गई है।
डॉ. रेड्डी ने बताया कि राज्य स्तर पर पूर्णिया को प्रथम स्थान प्राप्त होना गर्व के साथ-साथ उपलब्धि भी मानी जा रही है। वर्ष 2021-22 में उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान दर 2.9% थी, जो 2025-26 में बढ़कर 14.4% हो गई। मार्च 2026 में सर्वाधिक 21.2% मामलों की पहचान की गई, जो फील्ड स्तर पर बेहतर ट्रैकिंग और सक्रिय निगरानी का परिणाम है।
संस्थागत प्रसव करा चुकी एक लाभार्थी माता पूजा ने कहा कि यहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही बच्चों की देखभाल एवं पौष्टिक आहार की उत्कृष्ट व्यवस्था है।
(Input from Agency)
Comments ( 0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to comment!