नई दिल्ली । Union Minister of Agriculture शिवराज सिंह चौहान ने सूअरों के लिए भारत के पहले स्वदेशी MA-104 सेल लाइन आधारित जीवित क्षीणीकृत अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन को राष्ट्र को समर्पित किया है। मंत्रालय ने कहा कि यह वैक्सीन पशु चिकित्सा अनुसंधान में एक बड़ी उपलब्धि है और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
मंत्रालय ने बताया कि इस वैक्सीन ने व्यापक प्रयोगशाला मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिसमें स्टेरिलिटी, शुद्धता, सुरक्षा, आनुवंशिक स्थिरता, प्रतिरक्षाजनकता (इम्यूनोजेनिसिटी), सुरक्षात्मक प्रभावशीलता तथा विषाणुता की पुनरावृत्ति (विरुलेंस रिवर्जन) संबंधी अध्ययन शामिल हैं। इस वैक्सीन का फील्ड वैलिडेशन पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सहयोग से किया गया, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता भी सिद्ध हुई।
यह वैक्सीन आठ सप्ताह से अधिक आयु के स्वस्थ सूअरों के लिए अनुशंसित है और इसे 1 मिलीलीटर की इंट्रामस्क्युलर (मांसपेशियों में) इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है, जिसके 14 दिन बाद बूस्टर डोज दी जाती है।
इस अवसर पर Minister of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying राजीव रंजन सिंह भी उपस्थित थे। इस उपलब्धि पर बोलते हुए सचिव (DARE) एवं महानिदेशक (ICAR), डॉ. एम.एल. जाट ने कहा कि यह सफलता पशु चिकित्सा विज्ञान में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वस्तरीय पशु स्वास्थ्य समाधान विकसित करने की भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता को दर्शाती है और स्वदेशी रूप से विकसित वैक्सीनों की नई पीढ़ी का मार्ग प्रशस्त करती है। इस महीने की 3 तारीख को दिल्ली-मेरठ नमो भारत सेवा में एक ही दिन में 1.5 लाख से अधिक यात्री यात्राएँ दर्ज की गईं।
(Input from PB Shabd)
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