Union Minister for Chemicals and Fertilizers । PMBJP । One Nation, One Fertilizer । BHARAT । iFMS: एक राष्ट्र, एक उर्वरक पहल से खरीफ 2026 के दौरान पूरे भारत में उर्वरक की उपलब्धता होगी मजबूत

Union Minister for Chemicals and Fertilizers । PMBJP । One Nation, One Fertilizer । BHARAT । iFMS: एक राष्ट्र, एक उर्वरक पहल से खरीफ 2026 के दौरान पूरे भारत में उर्वरक की उपलब्धता होगी मजबूत

नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने कहा है कि ‘वन नेशन, वन फर्टिलाइजर’ पहल ने देशभर में सब्सिडी वाले उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण को उल्लेखनीय रूप से मजबूत किया है। इस पहल के तहत समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने, लॉजिस्टिक्स में सुधार करने और एकल राष्ट्रीय ब्रांड के अंतर्गत किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता को सरल बनाया गया है।

यह पहल प्रधानमंत्री भारतीय जनउर्वरक परियोजना (PMBJP) के अंतर्गत 24 अगस्त, 2022 से लागू की गई है। इसके तहत सभी सार्वजनिक क्षेत्र, सहकारी और निजी उर्वरक कंपनियों को सब्सिडी वाले उर्वरकों का विपणन साझा “भारत (BHARAT)” ब्रांड के अंतर्गत करना अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में यूरिया, डाइ-अमोनियम फॉस्फेट (DAP), म्यूरिएट ऑफ पोटाश (MOP) और विभिन्न NPKS ग्रेड सहित सभी सब्सिडी वाले उर्वरक भारत ब्रांड के तहत बेचे जा रहे हैं।

इस योजना का उद्देश्य बाजार में उपलब्ध विभिन्न उर्वरक ब्रांडों के कारण किसानों में होने वाले भ्रम को समाप्त करना और राज्यों के बीच सब्सिडी वाले उर्वरकों तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है।

Ministry of Chemicals and Fertilizers के उर्वरक विभाग के अनुसार, एकीकृत ब्रांडिंग प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ी है, अनियमितताओं में कमी आई है, उर्वरकों की अनावश्यक अंतर-राज्यीय आवाजाही कम हुई है तथा महत्वपूर्ण फसल मौसम के दौरान उनकी समय पर उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।

इस पहल को समर्थन देने के लिए केन्द्र सरकार ने उर्वरक आपूर्ति और वितरण की एक व्यापक व्यवस्था स्थापित की है। प्रत्येक फसल मौसम से पहले कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) राज्य सरकारों के परामर्श से राज्यवार और माहवार उर्वरक आवश्यकता का आकलन करता है। इन अनुमानों के आधार पर उर्वरक विभाग (DoF) पूरे देश में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मासिक आवंटन योजनाएं तैयार करता है।

विभाग ने इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (iFMS) के माध्यम से उर्वरकों की आवाजाही की डिजिटल निगरानी को भी मजबूत किया है। यह एक वेब-आधारित मंच है, जो आपूर्ति श्रृंखला के दौरान प्रमुख सब्सिडी वाले उर्वरकों की आवाजाही को ट्रैक करता है। इससे अधिकारियों को वास्तविक समय में उपलब्धता की निगरानी करने और आपूर्ति संबंधी किसी भी समस्या पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में मदद मिलती है।

घरेलू उत्पादन और मांग के बीच अंतर को पूरा करने के लिए उर्वरकों का आयात काफी पहले से अंतिम रूप दे दिया जाता है, ताकि फसल मौसम के दौरान पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। केन्द्र सरकार राज्य सरकारों को समय पर मांग-पत्र (इंडेंट) जारी करने और सुचारु वितरण सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक निर्माताओं और आयातकों के साथ समन्वय बनाए रखने की सलाह भी देती है।

उर्वरक रैक की पर्याप्त उपलब्धता, उर्वरक खेपों के प्राथमिकता परिवहन और विभिन्न राज्यों तक उनकी समय पर निकासी सुनिश्चित करने के लिए रेलवे मंत्रालय के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखा जाता है। जिला स्तर पर वितरण की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों द्वारा निभाई जाती है।

विभाग ने कहा कि इन समन्वित प्रयासों के कारण वर्तमान खरीफ 2026 मौसम के दौरान उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। 1 अप्रैल से 29 जुलाई, 2026 की अवधि के आंकड़े बताते हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर उर्वरकों की उपलब्धता अनुमानित आवश्यकता और वास्तविक बिक्री दोनों से अधिक रही।

देशभर में इस अवधि के दौरान यूरिया की आवश्यकता 122.84 लाख मीट्रिक टन (LMT) थी, जबकि उपलब्धता 177.27 LMT रही। वास्तविक बिक्री 112.53 LMT दर्ज की गई, जिससे 64.75 LMT का समापन स्टॉक बचा।

DAP के लिए राष्ट्रीय आवश्यकता 35.44 LMT थी, जबकि उपलब्धता 43.03 LMT रही। बिक्री 26.59 LMT रही और समापन स्टॉक 16.44 LMT दर्ज किया गया।

इसी प्रकार, MOP की आवश्यकता 11.20 LMT थी, जबकि उपलब्धता 14.31 LMT रही। बिक्री 5.85 LMT तक पहुंची और 8.47 LMT का स्टॉक शेष रहा।

NPKS उर्वरकों के लिए आवश्यकता 53.99 LMT थी, जबकि उपलब्धता 88.93 LMT रही। इस अवधि में बिक्री 44.73 LMT दर्ज की गई और समापन स्टॉक 44.19 LMT रहा।

आंकड़ों से पता चलता है कि अधिकांश प्रमुख कृषि राज्यों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध रहा। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात और तेलंगाना में उर्वरकों की उपलब्धता अनुमानित आवश्यकता से काफी अधिक रही, जिससे बुवाई के चरम मौसम के दौरान निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हुई।

विभाग ने कहा कि अग्रिम योजना, डिजिटल निगरानी, समन्वित लॉजिस्टिक्स, समय पर आयात और बेहतर परिवहन व्यवस्था के संयोजन ने देशभर में उर्वरक वितरण की दक्षता को बढ़ाया है। इस पहल ने राज्यों के बीच उर्वरकों की अनावश्यक आवाजाही को भी कम किया है और किसानों को एक विश्वसनीय राष्ट्रीय ब्रांड के तहत सब्सिडी वाले उर्वरकों तक आसान पहुंच प्रदान की है।

यह जानकारी Union Minister for Chemicals and Fertilizers जगत प्रकाश नड्डा तथा राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

(Input from DD News)

 

 

Sanjay Sharan

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