Rajeev Gandhi Van Samvardhan Yojana । Himachal Pradesh Government: राजीव गांधी वन संवर्धन योजना 2030 तक 30 फीसदी वन आवरण का लक्ष्य तक पहुंचने हेतु महिलाएं और युवाओं की वृहद भागीदारी पर जोर

Rajeev Gandhi Van Samvardhan Yojana । Himachal Pradesh Government: राजीव गांधी वन संवर्धन योजना 2030 तक 30 फीसदी वन आवरण का लक्ष्य तक पहुंचने हेतु महिलाएं और युवाओं की वृहद भागीदारी पर जोर

वन संरक्षण में जनभागीदारी को बढ़ावा, पौधरोपण और देखभाल के लिए प्रति हैक्टर 1.20 लाख रुपये की सहायता; धर्मशाला का स्वयं सहायता समूह बना मिसाल।

हिमाचल प्रदेश । Himachal Pradesh Government ने वर्ष 2030 तक राज्य के वन आवरण को 30 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए Rajeev Gandhi Van Samvardhan Yojana के तहत महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्वयं सहायता समूहों को सीधे वन संरक्षण और पौधारोपण अभियान से जोड़ा जा रहा है।

योजना के तहत पौधरोपण से लेकर पौधों के संरक्षण तक की जिम्मेदारी निभाने वाले समूहों को प्रति हैक्टर 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। बेहतर संरक्षण और पौधों के जीवित रहने की उच्च दर पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान है।

प्रदेश सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से वनों का संरक्षण, विस्तार और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करना है। योजना के तहत महिला मंडलों, युवक मंडलों, स्वयं सहायता समूहों और अन्य पंजीकृत सामुदायिक संगठनों को अधिकतम पांच हेक्टेयर तक बंजर या खाली वन भूमि उपलब्ध कराई जाती है।

वन विभाग पौधे उपलब्ध कराता है, जबकि रोपण और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी संबंधित समूह निभाते हैं। धर्मशाला के समीप घुरकड़ी गांव का ओम नमो नारायण स्वयं सहायता समूह इस योजना की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।

समूह की महिलाओं ने लगभग दो हैक्टर क्षेत्र से लैंटाना की झाड़ियां हटाकर भूमि तैयार की, बाड़बंदी की और 1,600 से अधिक स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए। पौधों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए पारंपरिक उपाय भी अपनाए गए, जिसके चलते अधिकांश पौधे सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

समूह की महिलाओं का कहना है कि इस योजना से उन्हें पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के साथ-साथ रोजगार और आय का भी अवसर मिला है। उन्होंने अन्य महिला समूहों से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की।

वन विभाग के अनुसार यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, जैव विविधता का संरक्षण हो रहा है और जल एवं मृदा संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय लक्ष्य भी पूरे किए जा रहे हैं। धर्मशाला वन मंडल के अंतर्गत पिछले वर्ष लगभग 28 हैक्टर क्षेत्र में 22 हजार पौधे लगाए गए थे। इस वर्ष 17 महिला मंडलों, 6 युवक मंडलों और 5 स्वयं सहायता समूहों को इस अभियान से जोड़ा गया है। धर्मशाला, शाहपुर,

नगरोटा बगवां और कांगड़ा विधानसभा क्षेत्रों में हरड़, बेहड़ा और आंवला सहित स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। वन विभाग को इस वर्ष लगभग तीन हजार महिलाओं सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भागीदारी की उम्मीद है।

(Input from PB Shabd)

 

Sanjay Sharan

Sanjay Sharan

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