नई दिल्ली । विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025 देशभर में रोजगार सुनिश्चित करने, ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने तथा गांवों के विकास में तेजी लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह बात ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।
केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के CM श्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ आज आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ले गांव में VB-G RAM G अधिनियम, 2025 का शुभारंभ किया।
सभा को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गरीब मजदूर बिना काम के न रहे और हर हाथ को रोजगार मिले। उन्होंने इस योजना को लागू करने के लिए PM श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस कार्यक्रम के तहत रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
Union Minister ने कहा कि केन्द्र सरकार ने इस वर्ष इस योजना के लिए 95,600 करोड़ रुपये आवंटित किया है, जबकि राज्य भी अपना हिस्सा देंगे, जिससे कुल व्यय 1,51,282 करोड़ रुपये हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह धन ग्रामीण मजदूरों के लिए रोजगार सृजित करेगा, गांवों के विकास को बढ़ावा देगा और विकसित भारत के विजन में योगदान देगा।
ग्रामीण कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि एनडीए सरकार ने पिछले एक दशक में ग्रामीण रोजगार में निवेश को काफी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि नई योजना के तहत देश में कहीं भी किसी श्रमिक को प्रतिदिन 300 रुपये से कम नहीं मिलेगा और वर्तमान में मजदूरी 312 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है।
Union Minister ने कहा कि अगले पांच वर्षों में इस योजना के तहत 7.50 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे प्रत्येक ग्राम पंचायत को औसतन हर वर्ष 2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि रोजगार की मांग के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराया जाना चाहिए, अन्यथा बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मजदूरी के भुगतान में देरी होने पर भी मुआवजा दिया जाएगा, ताकि मजदूरों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि ग्राम रोजगार सहायकों और अन्य क्षेत्रीय कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है।
श्री चौहान ने कहा कि इस योजना के तहत विकास कार्यों का निर्णय ग्राम सभाओं के माध्यम से किया जाएगा, जबकि राज्यों को पिछड़ी पंचायतों को अतिरिक्त सहायता प्रदान करने की लचीलापन दी जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आंध्र प्रदेश को इस योजना के तहत अगले नौ महीनों में केंद्र से 7,707 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। राज्य सरकार के योगदान के साथ कुल व्यय 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है।
Union Minister ने आंध्र प्रदेश के लिए कई विकास पहलों की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों की एक टीम राज्य सरकार के साथ मिलकर ग्राफ्टिंग तकनीक को बढ़ावा देने और आम की किस्मों में सुधार के लिए काम करेगी। टोटापुरी आम किसानों को समर्थन देने के लिए उन्होंने किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने हेतु मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत 2,16,250 मीट्रिक टन टोटापुरी आम की खरीद की घोषणा की।
श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आंध्र प्रदेश के लिए 70,000 से अधिक मकानों की स्वीकृति की भी घोषणा की। उन्होंने ग्रामीण संपर्क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से 422 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के साथ 146 ग्रामीण सड़कों और 19 पुलों के निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र भी सौंपे। राज्य के विकास के प्रति केन्द्र की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के समग्र विकास को सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री कोनिडेला पवन कल्याण, केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, कमलेश पासवान तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
(Input from News on Air)
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