नई दिल्ली । Central Agriculture Minister श्री शिवराज सिंह चौहान और Environment, Forest and Climate Change Minister श्री भूपेंद्र यादव ने फसल अवशेष प्रबंधन उपायों की समीक्षा करने और पराली जलाने की समस्या के दीर्घकालिक समाधान पर चर्चा के लिए नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक की अध्यक्षता की।
कल आयोजित इस बैठक के दौरान श्री चौहान ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 14 जिलों की 70 तहसीलों में स्टबल प्रोटेक्शन फोर्स द्वारा की जा रही सक्रिय निगरानी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि यह धरती माता के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है, लाभकारी कीटों को नष्ट करता है और मिट्टी की उर्वरता को कम करता है।
श्री चौहान ने बताया कि राज्यों ने चालू वर्ष के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं, जिनमें 46 हजार से अधिक फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों का वितरण, 910 कस्टम हायरिंग सेंटरों (CHC) की स्थापना तथा 141 पराली आपूर्ति श्रृंखला परियोजनाओं का विकास शामिल है।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2026-27 के लिए फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत 544 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिसमें से 272 करोड़ रुपये से अधिक की पहली किस्त पहले ही जारी की जा चुकी है।
इसके अतिरिक्त, दोनों मंत्रियों ने यंत्रीकरण, तकनीकी नवाचार, पराली के औद्योगिक उपयोग, जन-जागरूकता तथा सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से पराली जलाने की समस्या को समाप्त करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
(Input from PB Shabd)
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